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“सुप्रीम कोर्ट का वक्फ एक्ट पर बड़ा फैसला: कुछ प्रावधानों पर रोक, पूरा कानून रद्द नहीं”

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  1. पूरे अधिनियम को नहीं रोका गया
    कोर्ट ने कहा कि कानून संविधान के अनुरूप माना जाएगा जब तक कि साफ तौर पर कोई ऐसी स्थिति न बनती हो जब पूरा अधिनियम ही अमान्य ठहराया जाए।
  2. पांच वर्ष इस्लाम अभ्यास” की शर्त को रोका गया
    अधिनियम का वह प्रावधान जो कहता है कि वक्फ़ बनाने वाला व्यक्ति पाँच साल तक इस्लाम का अभ्यास कर रहा हो, उसे तब तक लागू नहीं किया जाएगा जब तक इस बात का नियम नहीं बने कि “इस्लामी अभ्यास” कैसे मापा जाएगा।
  3. कलेक्टर को वक्फ़ संपत्ति के सरकारी होने का फैसला करने की शक्ति अस्वीकृत
    वह प्रावधान जिसमें कलेक्टर (जिला अधिकारी) को यह निर्धारित करने की अनुमति थी कि कोई वक्फ़ संपत्ति सरकारी है या नहीं, और उसके आधार पर कार्रवाई की जा सकती है — उसे भी रोका गया है।
  4. वक्फ़ बोर्डों में गैर-मुस्लिमों की भागीदारी पर सीमाएँ
    सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि केंद्र व राज्य वक्फ़ बोर्डों में गैर-मुस्लिम सदस्यों की संख्या सीमित हो — राज्य वक्फ़ बोर्डों में अधिकतम तीन और केंद्रीय वक्फ़ परिषद में चार गैर-मुस्लिम सदस्य हो सकते हैं
  5. वक्फ़-by-user प्रावधान का पूरक नियंत्रण
    “वक्फ़ by user” प्रावधान जिसमें बिना दस्तावेज़ या औपचारिक तरीके से प्राचीन धार्मिक उपयोग के आधार पर संपत्ति वक्फ़ घोषित हो जाती थी, उसमें बदलाव किए जाएंगे। पुराने वक्फ़-by-user संपत्तियों को कुछ संरक्षण प्राप्त है।
  6. अन्य प्रावधान जो अभी नहीं रोके गए
    जैसे कि वक्फ़ संपत्तियों का पंजीकरण (registration) करना, कुछ मामलों में लागू रहेगा क्योंकि यह प्रावधान पुराने कानूनों में भी मौजूद था।

 

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