करवा चौथ 2025: व्रत, रीतियाँ और नई दिशाएँ
भारत के उत्तरी एवं मध्य प्रदेश जैसे क्षेत्रों में करवा चौथ त्योहार का अपना विशेष महत्व है। इस वर्ष 2025 में करवा चौथ 10 अक्टूबर, शुक्रवार को मनाया जाएगा, और इस अवसर पर कई दिलचस्प पहलू, नए रुझान और सामाजिक परिवर्तन देखे जा रहे हैं।
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तिथि, मुहूर्त और चंद्र दर्शन समय
• चतुर्थी तिथि (कृष्ण पक्ष) की शुरुआत 9 अक्टूबर की रात्रि 10:54 बजे होगी और यह 10 अक्टूबर शाम 7:38 बजे तक जारी रहेगी।
• सूर्य उदय से व्रत शुरू होगा, एवं व्रत का समापन चंद्र दर्शन के बाद किया जाएगा। इस वर्ष व्रत की अवधि लगभग 6:19 सुबह से 8:13 रात तक होगी।
• पूजा मुहूर्त इस वर्ष 5:57 बजे शाम से 7:11 बजे रात के बीच है।
• चंद्रमा इस दिन लगभग 8:13 बजे रात को प्रकट होगा — इसी समय व्रत खोला जाता है।
इन समयों को ध्यान में रखते हुए, व्रत करने वाली महिलाएँ अपने दिन की तैयारी उसी अनुसार करती हैं।
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🛍️ बाजारों में तैयारियाँ और उत्साह
करवा चौथ से कुछ दिन पहले से ही बाजारों में एक नया उत्साह देखने को मिलता है।
• चाह-चाह, करवा, सिव (छलनी), दीये, सिंदूर, मेहँदी, आभूषण आदि पूजन एवं श्रृंगार सामग्रियों की बिक्री में बढ़ोतरी होती है।
• उदाहरण के लिए, प्रयागराज (इलाहाबाद) में सिविल लाइन्स, चौंक और कत्रा जैसे प्रमुख बाज़ारों में सजावट, रोशनी और उत्सव का माहौल देखा गया है — महिलाएँ रिहर्सल करते हुए मेहँदी लगवाती हैं और पारंपरिक नए वस्त्र चुनती हैं।
• दिल्ली के जनपदों में भी व्यापारियों ने मेहँदी स्टॉल, प्रस्तुतियाँ, सजावट और आयोजन आयोजित किए हैं ताकि त्योहार का अनुभव सामुदायिक रूप ले सके।
इस तरह का व्यापार और सजावट कार्यक्रम न केवल उत्सव को जीवंत बनाते हैं, बल्कि स्थानीय अर्थतंत्र को भी समर्थन देते हैं।
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🧾 आर्थिक महत्व
करवा चौथ अब सिर्फ एक धार्मिक उत्सव नहीं, बल्कि एक आर्थिक गतिविधि भी बन गया है।
• इस वर्ष के लिए अनुमान है कि इस त्योहार से जुड़े लेन देनों की कुल राशि लगभग ₹22,000 करोड़ तक पहुंच सकती है।
• पिछले वर्षों की तुलना में इस बार लोग अधिक खर्च करने की स्थिति में हैं — नए वस्त्र, आभूषण, उपहार, सजावट आदि में अधिक निवेश दिख रहा है।
• इस आर्थिक संवर्धन का मतलब यह है कि त्योहारों के समय लोक खपत, स्थानीय उद्योग और सामाजिक व्यापार को बड़ा बल मिलता है।

📖 पूजा विधि, कथा और मान्यताएँ
करवा चौथ पर व्रत विधि और कथा का बहुत महत्व है।
• व्रत के दिन महिला सुबह सरगी (सूर्योदय से पूर्व का नाश्ता) ग्रहण करती हैं, जिसमें फल, दूध, अन्य पोषणयुक्त चीजें शामिल होती हैं।
• दिनभऱ कोई जल या आहार नहीं लिया जाता (निरजला व्रत) — यह जिस दृढ़ श्रद्धा से रखा जाता है, उसे बहुत पवित्र माना जाता है।
• शाम को तय मुहूर्त में शाम की पूजा होती है — देवी-देवताओं की अराधना, व्रत कथा का पाठ, भक्ति, भजन आदि। अंत में चंद्रमा निकलने पर छलनी से चंद्र को देखा जाता है, फिर पति की ओर देखा जाता है, और फिर व्रत का पारण किया जाता है।
• कथा अनुसार, यह व्रत विशेष रूप से पति की दीर्घायु, स्वास्थ्य और सौभाग्य के लिए रखा जाता है। द्रौपदी जैसे पौराणिक स्त्रियाँ इस व्रत को करती थीं।
• इस वर्ष, चंद्रमा वृष राशि में संचार कर रहा है — इसे “उच्च चंद्र” माना गया है और चंद्र पूजन को विशेष प्रभावशाली कहा गया है।
इन धार्मिक रीति-रिवाजों में विश्वास और श्रद्धा की भूमिका अहम होती है — जितनी श्रद्धा, उतनी मनोकाशा की पूर्ति की आकांक्षा।
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🌈 सामाजिक बदलाव: समावेशिता की ओर
इस वर्ष करवा चौथ उत्सव में एक नई चर्चा देखने को मिली है — LGBTQ+ समुदायों की भागीदारी।
• भोपाल में इस वर्ष कई समलैंगिक/ट्रांसजेंडर जोड़ों ने करवा चौथ की परंपरा अपनाई — व्रत रखा, श्रृंगार किया, रोशनी, भक्ति और पूजन किया। इस तरह उन्होंने यह संदेश दिया कि प्रेम और समर्पण किसी रूप या पहचान पर निर्भर नहीं।
• यह बदलाव बड़ी सामाजिक संवेदना को दर्शाता है — जहाँ पारंपरिक त्योहार नए रूप में स्वीकार किए जाते हैं, और समाज की सोच में लचीलापन आता है।
• इस तरह की भागीदारी रोचक है क्योंकि यह दिखाती है कि त्योहार सिर्फ एक कर्मकंड नहीं, बल्कि मानवीय भावना, प्रेम और अस्तित्व की अभिव्यक्ति बन सकता है।
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🌿 स्वास्थ्य और पोषण: नवाचार और सुझाव
व्रत के दौरान स्वास्थ्य बनाए रखना चुनौती हो सकता है। इसलिए इस वर्ष कुछ नए विकल्प और सुझाव भी सामने आए हैं:
• चिया सीड ग्लो ड्रिंक — यह एक पोषणयुक्त पेय है जिसे सर्जी के समय लिया जा सकता है। यह हाइड्रेशन बनाए रखने, ऊर्जा एवं त्वचा को चमक देने के लिए उपयोगी बताया जा रहा है।
• व्रत के दिन हल्की हलचल करना, वातानुकूलित वातावरण रखना, तनाव से बचना — ये सभी सुझाव स्वास्थ्य की दृष्टि से महत्वपूर्ण हैं।
• रात में पर्याप्त नींद और दिन भर ऊर्जा बनाए रखने के लिए पहले से ही संतुलित भोजन करना उपयोगी होगा।
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🎬 बॉलीवुड की भूमिका और सामाजिक रुझान
करवा चौथ को लोकप्रिय बनाने में बॉलीवुड की बड़ी भूमिका रही है।
• फिल्मों जैसे दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे, हम दिल दे चुके सनम, बाग़बान आदि ने इस त्योहार को प्रेम, भक्ति और पारिवारिक मूल्य के प्रतीक के रूप में पेश किया।
• ऐसे चित्रणों ने इस व्रत को सिर्फ एक धार्मिक कर्म नहीं, बल्कि एक भावनात्मक कहानी बना दिया — जहाँ पति भी व्रत का समर्थन करते दिखते हैं, या व्रत को रोमांटिक संदर्भ मिलता है।
• इस संदर्भ में, ऐसा भी देखा गया है कि करवा चौथ का उत्सव अब केवल विवाहित स्त्रियों तक सीमित नहीं रह गया — नवविवाहित, अविवाहित और LGBTQ+ व्यक्तियों ने भी इसे अपनाया है, जिससे उसका सामाजिक स्वरूप विस्तृत हो रहा है।
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🤔 विवाद और आलोचनाएँ
हर धार्मिक रीति की तरह करवा चौथ पर भी कुछ आलोचनाएँ प्रकट होती हैं:
• कई लोग मानते हैं कि यह व्रत पितृसत्तात्मक (patriarchal) से प्रेरित है, जहां स्त्रियों को एक दिन पूरा नो आहार-जल त्यागकर पति की भलाई की चिंता करनी होती है। कुछ महिलाएँ इस पारंपरिक दबाव को महसूस करती हैं और प्रश्न करती हैं।
• यह भी देखा गया है कि कुछ क्षेत्रों में लोग करवा चौथ को “अनिवार्य” बनाने या सामाजिक दबाव डालने की पहल करते हैं — हालाँकि ऐसी कोशिशें अक्सर विरोधों के कारण सफल नहीं होतीं।
• एक अन्य आलोचना यह है कि त्योहार का व्यावसायीकरण हो गया है — जिसमें पूजा से अधिक सजावट, उपहार, फैशन और消费 (खर्च) प्रधान हो गया है।
इन विवादों के बावजूद, अधिकांश लोग करवा चौथ को भक्ति, प्रेम और परंपरा का संयोजन मानते हैं, न कि सिर्फ अनुष्ठान का पालन।
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💡 संदेश और निष्कर्ष
2025 का करवा चौथ सिर्फ एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं है, यह एक समय की झलक है — जहाँ परंपरा आधुनिकता से मिल रही है, जहाँ प्रेम और समर्पण नए स्वरूप धारण कर रहे हैं, और जहाँ त्योहार स्थानीय अर्थ, सामाजिक मान्यता और व्यक्तिगत भावना का संगम बन रहा है।
• समय, मुहूर्त और रीति-रिवाज समान हैं, लेकिन लोगों की सोच बदल रही है — समावेशिता, स्वतंत्रता, और आत्म-चयन की प्रवृत्तियाँ प्रमुख हैं।
• इस वर्ष का त्योहार न सिर्फ पूजा का दिन होगा, बल्कि समुदाय, आर्थिक गतिविधि और सामाजिक विमर्श का अवसर भी बनेगा।
• यदि महिलाएँ अपनी श्रद्धा और स्वाभिमान के साथ व्रत करें, और यदि समाज उन्हें समर्थन दे, तो करवा चौथ एक सुंदर, सशक्त और अर्थपूर्ण त्योहार बन सकता है।
यदि चाहें, तो मैं आपके शहर (इंदौर) के लिए विशेष करवा चौथ समाचार तैयार कर सकती हूँ — कि वहाँ बाजार की स्थिति, स्थानीय सामाजिक रुझान और समय कैसे हों। मैं वही करना चाहूँ?