
13 सितंबर 2025, ज़ायेद क्रिकेट स्टेडियम, अबू धाबी
मैच का सारांश
- परिणाम:श्रीलंका ने बांग्लादेश को 6 विकेट से हराया।
- बैटिंग क्रम:बांग्लादेश ने पहले बल्लेबाज़ी की और पूरी 20 ओवरों में 5 विकेट पर 139 रन बनाए।
- चेज:श्रीलंका ने लक्ष्य 4 ओवरों में, 4 विकेट खोकर हासिल कर लिया।
- प्लेयर ऑफ मैच:कामिल मिशारा (46* रन)
बांग्लादेश की पारी की विस्तृत झलक
बांग्लादेश की शुरुआत अच्छी नहीं रही, और मध्य के दौरान उन्हें भारी संकट का सामना करना पड़ा।
| बल्लेबाज़ | रन | गेंद | 4s | 6s |
| Litton Das | 28 | 26 | 4 | 0 |
| Shamim Hossain | 42* | 34 | 3 | 1 |
| Jaker Ali | 41* | 34 | 2 | 0 |
मौक़े-बाज़ी / विकेटों का समय:
- शुरुआती ओवरों में श्रीलंका ने जबरदस्त गेंदबाज़ी की, खासकर नुवन थुषारा (Nuwan Thushara) और दुस्मान्था चमीरा (Dushmantha Chameera) ने नई गेंद के साथ अच्छी शुरुआत ली।
- बांग्लादेश के लिए शुरुआत बहुत खराब रही — कुछ बल्लेबाज़ जल्दी आउट हो गए और साझेदारी (partnership) नहीं बन पाई।
- लेकिन सिंहट की तरह काम कियाशमिम हुसैन और जाकर अली ने, जिन्होंने छठे विकेट के लिए 86 रन की बेहतरीन साझेदारी की और टीम को सम्मानजनक कुल तक पहुँचाया।
बॉलिंग की झलक:
- श्रीलंका की गेंदबाज़ी ने दबाव बनाए रखा особенно शुरुआती ओवरों में।
- वानिंदु हसरंगाने 4 ओवरों में 2 विकेट लिए, 25 रन खर्च किए।
- महीदी हसनने भी महत्वपूर्ण स्पैल किया—उनके ओवरों से कुछ विकेट निकले।
श्रीलंका की पारी एवं चेज़
श्रीलंका ने लक्ष्य का पीछा करते हुए शानदार शुरूआत की और बड़े आत्मविश्वास के साथ मैच को जीत की ओर ले गए।
प्रमुख प्रदर्शन:
- पथुम निसंकाने 34 गेंदों में 50 रन बनाए, जिसमें 6 चौके और 1 छक्का शामिल था।
- कामिल मिशाराने नाबाद पारी खेली — 46 रन 32 गेंदों में, जिसमें उन्होंने समय‑समय पर स्कोर को संभाला और अंत तक टीम को सुरक्षित स्थिति में पहुँचाया। अन्य खिलाड़ियों की भूमिका भी उल्लेखनीय रही: कप्तान चारिथ असलंका, कुसल पेरेरा, आदि ने कुछ छोटे‑छोटे लेकिन जरूरी योगदान दिए।
गेंदबाज़ी की प्रतिक्रिया:
- बांग्लादेश के लिए चेज़ बहुत मुश्किल हो गई क्योंकि श्रीलंका के बल्लेबाज़ों ने शुरुआत से ही रन बनाने शुरू कर दिए।
- विकेटों का गिरना श्रीलंका की पारी में अपेक्षाकृत सुस्त रहा, जिससे टीम को कोई बड़ा झटका नहीं लगा।
निर्णायक क्षण
- नई गेंद से दबाव:थुषारा और चमीरा ने शुरुआत की, दौड़ से पहले दो विकेट झटक कर बांग्लादेश के बैटिंग क्रम को परेशान कर दिया। यह श्रीलंका को मानसिक बढ़त देने वाला पल था।
- शमिम‑जाकर की साझेदारी:बांग्लादेश के लिए यह साझेदारी पारी को कोलकाता‑सी स्थिति से बाहर निकालने वाली थी, लेकिन लक्ष्य तो बहुत अधिक हो गया था। उससे बांग्लादेश में आत्मविश्वास तो बढ़ा लेकिन मैच की धार बदल नहीं पाई।
- निसंका‑मिशारा का संयमित पीछा:दोनों ने समय‑समय पर रन बनाए, छोर संभाला रखा और विकेट खोने के डर के बिना टूटी‑फूटी गेंदों को ज्यादा नहीं छोड़ा। विशेषकर मिशारा की नाबाद पारी ने अंत में श्रीलंका को जीत दिलाई।
- नेट रन रेट का प्रभुत्व:श्रीलंका ने सिर्फ जीत ही नहीं की बल्कि 32 गेंदें बचाकर जीत कर नेट रन रेट को भी मजबूत किया, जो टूर्नामेंट में आगे बढ़ने के लिए महत्वपूर्ण होगा।
खिलाड़ियों का विश्लेषण
| खिलाड़ी | अच्छा किया | क्या सुधार कर सकते हैं |
| पथुम निसंका (SL) | आक्रामक शुरुआत, समय‑समय पर बाउंड्री लगी; 50 रन कि पारी ने चेज़ को आसान बनाया। | कुछ और बड़े शॉट्स हो सकते थे, अगर गेंद मिलती। |
| कामिल मिशारा (SL) | नाबाद रहते हुए दबाव संभाला; छुटे हुए मौके को कैपिटलाइज़ करके मैच जिताया। | शुरुआती कुछ गेंदों में थोड़ा अधिक आक्रामक हो सकते थे। |
| वानिंदु हसरंगा (SL) | गेंदबाज़ी से महत्वपूर्ण विकेट लिए; ओवरों को नियंत्रित किया। | अगर स्पिन‑सहायता होती तो हो सकता है और भी असर छोड़ सकते थे। |
| मैहीदी हसन (BAN) | विकेट चटका कर लड़ने की कोशिश की; कुछ विकेट लिए। | रन रेट नियंत्रण, मध्यम ओवरों में रन बचाना; दबाव झेलने में सुधार हो सकता है। |
| शमिम हुसैन और जाकर अली (BAN) | साझेदारी ने पारी को स्वाभाविक आकार दिया; बल्ले से दबाव कम किया। | शुरुआत में यदि विकेट बचाते तो लक्ष्य बड़ा हो सकता था; रन बनाए जाने की गति बेहतर हो सकती थी। |
क्या काम किया श्रीलंका के लिए और बांग्लादेश के लिए क्या गलत हुआ
श्रीलंका के फायदे:
- शुरुआती गेंदबाज़ी से विकेट लेना, जिससे बांग्लादेश दबाव में आया।
- मध्यओवरों में संयमित बल्लेबाज़ी और पारी को टूटने नहीं देना।
- चेज़ को जल्दी समाप्त करना, जिससे गेंदें बचीं और ओवर‑बाय‑ओवर दबाव न बढ़ता गया।
बांग्लादेश की कमजोरियाँ:
- शुरुआत में विकेट जल्दी गिर जाना।
- रन बनाने की गति कम; जब भी कुछ साझेदारी बनती, फिर विकेट गिर जाते।
- दबाव में गलतियाँ करना (फील्डिंग, रन‑आउट या अवसर गंवाना आदि)
मैच से जुड़े आंकड़े
- बांग्लादेश की टीम ने 20 ओवरों में 5 विकेट खोकर 139 रन बनाए।
- श्रीलंका ने 14 .3ओवरों में 4 विकेट खोकर 140 रन बनाकर लक्ष्य हासिल कर लिया।
- रण‑रन‑रेट से बचा अंतर:श्रीलंका ने 32 गेंदें बचाते हुए जीत हासिल की।
- बॉलिंग में सबसे सफल हुए: वानिंदु हसरंगा (2/25) और महीदी हसन ने कुछ अच्छे स्पैल किए।
इस जीत का महत्व
- श्रीलंका को ग्रुप बी में इस जीत से न सिर्फ 2 अंक मिले, बल्कि नेट रन रेट भी बढ़ा, जो सुपर‑फोर में जगह बनाने के लिए अहम हो सकता है।
- बांग्लादेश के लिए यह हार चिंतनीय है। अगले मैचों में उन्हें न सिर्फ जितना जरूरी है, बल्कि बड़े अंतर से जीत कर नेट रन रेट भी सुधारना होगा।
- मानसिक रूप से भी श्रीलंका के लिए यह शुरुआत काफी सकारात्मक है; टीम ने दबाव में चरित्र दिखाया।
भविष्य की संभावनाएँ
- श्रीलंका: यदि वे इसी तरह के प्रदर्शन जारी रखें — गेंदबाज़ी में शुरुआत अच्छी हो, मध्य‑ओवर संभाले जाएँ और चेज़ तय‑तय समय से पहले हो — तो सुपर‑फोर में पहुँचने की अच्छी संभावना है।
- बांग्लादेश: बैटिंग जोन में सुधार, साझेदारियों को बनाना, शुरुआत में विकेट बचाना और दबाव झेलने की क्षमता विकसित करना होगा। गेंदबाज़ी में भी गति‑वेरिएटी और स्पिन मिश्रण बेहतर करना होगा।
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