अबू धाबी, 11 सितंबर, 2025 — एशिया कप 2025 के ग्रुप बी मुकाबले में बांग्लादेश ने शानदार प्रदर्शन करते हुए हांगकांग को 7 विकेट से हराया, और 11 साल पहले हुई अपनी हार का बदला ले लिया। मैच श्रीखे ज़ायेद स्टेडियम, अबू धाबी में हुआ, जहाँ बांग्लादेश ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाज़ी करने का फैसला किया, और अपने गेंदबाज़ों व बल्लेबाज़ों की सभी शाखाओं से संतुलित टीम प्रदर्शन पेश किया।
मैच की कहानी
हांगकांग की पारी
हांगकांग ने निर्धारित 20 ओवर्स में 143/7 रन बनाए।
- निज़ाकत खान ने टॉप स्कोर किया — 42 रन
- ज़ीशान अली (विकेटकीपर) ने 30 रन बनाए
- कप्तान यासिम मर्तज़ा ने तेज़ी से 28 रन ठोके
गेंदबाज़ी की शुरुआत बांग्लादेश ने अच्छी तरह से की, विशेषतः टास्किन अहमद और तनज़िम हसन सकिब ने महत्वपूर्ण विकेट लिए और रनरट को सीमित रखा।
बांग्लादेश का लक्ष्य और पीछा
143 रन का लक्ष्य बांग्लादेश ने 17.4 ओवरों में 144/3 रन बनाकर पूरा किया, 7 विकेट से जीत दर्ज की।
- लिटन दास ने कप्तानी के साथ ज़बरदस्त बल्लेबाज़ी की — 59 रन (39 गेंदों)
- तौहीद हृदय (Towhid Hridoy) ने 35 अनबैतेड रन दिए और लिटन के साथ मिलकर मैच का नतीजा पलटने में अहम भूमिका निभाई।
ओपनिंग में पार्वेज हसन इमोन और ताज़िद हसन ने अच्छी शुरुआत दी, लेकिन जल्दी विकेट गिरने के बावजूद मध्य-ओवर्स में संयम व समझदारी से प्लान बनाया गया और रन बनाने की गिरावट के बावजूद लक्ष्य आसानी से हासिल कर लिया गया।
गेंदबाज़ी के पल
बांग्लादेश की गेंदबाज़ी ने पूरे मैच में हांगकांग के बल्लेबाज़ों पर दबाव बनाया:
- टास्किन अहमद और तनज़िम हसन सकिब ने दो-दो विकेट लिए|
- रिशाद हुसैन ने 4 ओवरों में 2/31 का आंकड़ा बनाया।
- गेंदबाज़ों ने पावरप्ले और बीच के ओवर्स में हांगकांग को ज्यादा कुछ नहीं करने दिया, रन-रेट को नियंत्रित रखा।
11 साल पहले की बात — इतिहास बराबर
2014 एशिया कप में हांगकांग ने बांग्लादेश को हराकर एक बड़े झटके की शुरुआत की थी। उस समय बांग्लादेश न तो अपनी पूरी क्षमता दिखा पाया था, और हांगकांग की यह जीत विश्व को चौंका गई थी। इस मुकाबले में, लगभग 11 साल बाद, बांग्लादेश ने न सिर्फ उस हार का बदला लिया बल्कि यह भी दिखाया कि टीम अब परिपक्व हो गई है, दबाव में भी संयम बना सकती है। इस जीत ने बांग्लादेश की मानसिकता को मजबूत किया है कि वे बड़े टूर्नामेंटों में संकट के समय संभल सकते हैं।
खिलाड़ियों की प्रतिक्रिया
- लिटन दास, जिन्होंने कप्तानी और बल्लेबाज़ी दोनों में शानदार योगदान दिया, बोले कि यह शुरुआत के संकटों से निकलकर खुद को टॉप टीम साबित करने का संकेत है। उन्होंने कहा कि पिच धीमी थी, गेंद थम-थम कर आ रही थी, लेकिन टीम ने संयम के साथ खेला।
- हृदय ने भी कहा कि टीम ने शुरुआत में दबाव संभाला, और मध्य-ओवर्स में विकेट गिरने के बावजूद साझेदारी करके मैच को अपने नियंत्रण में लिया।
- हांगकांग के कप्तान यासिम मर्तज़ा ने कहा कि उनकी टीम ने कुछ अच्छी पारियाँ खेलीं, लेकिन टीम स्कोर को बड़े स्कोर में नहीं बदल पायी। अगर शुरुआत बेहतर होती और बीच के ओवर्स में विकेट नहीं गिरते, तो स्थिति और बेहतर हो सकती थी।
महत्व और आगे की राह
- इस जीत से बांग्लादेश की ताकत बढ़ी है, खासकर समूह चरण के अन्य मुकाबलों की ओर देखते हुए। टीम को आत्म-विश्वास मिला है कि वे दबाव में क्रीज़ पर टिक सकते हैं और लक्ष्य-बाध्य रन चेज़ कर सकते हैं।
- हांगकांग के लिए यह सुधार का मौका है कि वे अगले मैचों में अपनी बल्लेबाज़ी और गेंदबाज़ी दोनों में निरंतरता लाएँ। उनकी शुरुआत अच्छी नहीं हुई थी, लेकिन यह मुकाबला उन्होंने बेहतर किया। इसे वह सीख के तौर पर ले सकते हैं कि मध्य और अंतिम ओवर्स में रन सुधारना और विकेट बचाना कितना महत्वपूर्ण है।
- ये मुकाबले, खासकर एशिया कप जैसे बड़े टूर्नामेंट में, न सिर्फ टीमों के लिए बल्कि खिलाड़ियों की व्यक्तिगत प्रदर्शन व अनुभव के लिए भी अहम होते हैं।
निष्कर्ष
बांग्लादेश ने आज का दिन यादगार बना दिया। 11 साल पुराने संघर्ष और हार को पीछे छोड़ते हुए उन्होंने हांगकांग के खिलाफ संतुलित और दबाव में शानदार जीत दर्ज की। कप्तानी, बल्लेबाज़ी, गेंदबाज़ी — हर क्षेत्र में टीम ने मिलकर काम किया। एशिया कप 2025 अब आगे बढ़ेगा, लेकिन इस तरह की शुरुआत से बांग्लादेश के फैंस को बड़ी उम्मीदें पोषित होंगी।