एशिया कप 2025 के रोमांचक मुकाबले में श्रीलंका ने अफगानिस्तान को एक हाई-वोल्टेज मैच में मात देकर सुपर-चार में अपनी जगह पक्की कर ली है। इसी जीत के साथ ही बांग्लादेश को भी अगले राउंड में एंट्री मिल गई है। यह मुकाबला न केवल खेल के लिहाज़ से रोमांचक रहा, बल्कि इससे टूर्नामेंट की दिशा भी बदल गई।
श्रीलंका की शानदार जीत
इस महत्वपूर्ण मैच में श्रीलंका ने पहले बल्लेबाज़ी करते हुए निर्धारित 50 ओवरों में 291 रन बनाए। टीम के युवा बल्लेबाज़ों ने जिम्मेदारी से खेल दिखाया और पूरे मैच के दौरान अफगान गेंदबाज़ों पर दबाव बनाए रखा। पथुम निसांका और कुसल मेंडिस की ओपनिंग जोड़ी ने ठोस शुरुआत दी। इसके बाद चरित असलंका और धनंजय डी सिल्वा ने मध्य क्रम को संभालते हुए स्कोर को एक मजबूत स्थिति में पहुँचाया।
श्रीलंका की बल्लेबाज़ी का सबसे बड़ा आकर्षण रहा असलंका का तेज़-तर्रार अर्धशतक, जिसमें उन्होंने मैदान के चारों ओर शानदार स्ट्रोक्स लगाए। अंत के ओवरों में कप्तान दासुन शनाका और वेलालागे ने तेजी से रन बटोरे और टीम को लगभग 300 रन के पार पहुँचाया।
अफगानिस्तान की साहसिक कोशिश, लेकिन चूक गए लक्ष्य से
291 रनों का पीछा करने उतरी अफगानिस्तान की टीम ने शुरूआत में ही कुछ बड़े झटके झेले। श्रीलंका के तेज़ गेंदबाज़ कसुन रजिथा और मथीशा पथिराना ने अफगान टॉप ऑर्डर को झकझोर दिया। हालांकि, इसके बाद रहमात शाह और मोहम्मद नबी ने पारी को संभालने की भरपूर कोशिश की।
मोहम्मद नबी ने 65 रनों की जुझारू पारी खेली और कुछ समय के लिए ऐसा लगा कि अफगानिस्तान मैच में वापसी कर सकता है। लेकिन एक के बाद एक विकेट गिरने से टीम बिखरती गई और पूरी पारी 289 रनों पर सिमट गई। अफगानिस्तान को जीत के लिए आखिरी ओवर में 6 रन चाहिए थे, लेकिन अनुभव की कमी और दबाव में की गई गलतियों ने उन्हें हार के मुहाने पर ला खड़ा किया।
श्रीलंका की गेंदबाज़ी रही निर्णायक
श्रीलंका की गेंदबाज़ी ने इस मैच को जीतने में अहम भूमिका निभाई। मथीशा पथिराना ने डेथ ओवर्स में शानदार गेंदबाज़ी करते हुए अफगान बल्लेबाज़ों की कमर तोड़ दी। इसके साथ ही दुनिथ वेलालागे की स्पिन ने भी रन गति पर लगाम लगाई और दो महत्वपूर्ण विकेट चटकाए।
टीम के कप्तान दासुन शनाका ने गेंदबाज़ों का चतुराई से इस्तेमाल किया और हर मोर्चे पर रणनीति में अफगान कप्तान से बाज़ी मार ली।
सुपर-चार में कौन-कौन?
अब तक सुपर-चार में भारत, पाकिस्तान, श्रीलंका और बांग्लादेश ने अपनी जगह बना ली है। अफगानिस्तान के लिए यह टूर्नामेंट बेहद निराशाजनक रहा क्योंकि वह अंतिम पलों तक मुकाबले में बने रहने के बावजूद बाहर हो गई।
श्रीलंका और बांग्लादेश के लिए यह सुपर-चार में जगह बनाना बड़ी उपलब्धि है, खासकर तब जब टीमों में युवा खिलाड़ियों को मौका दिया गया था।
बांग्लादेश को कैसे मिला फायदा?
अफगानिस्तान की हार का सीधा फायदा बांग्लादेश को मिला। चूंकि अफगानिस्तान यदि निर्धारित लक्ष्य से अधिक रन बना लेता, तो नेट रन रेट के आधार पर वह सुपर-चार में पहुंच सकता था। लेकिन श्रीलंका ने उन्हें वह मौका नहीं दिया और अंत में दो रन से हराकर बांग्लादेश का रास्ता साफ कर दिया।
बांग्लादेश की टीम ने टूर्नामेंट में संतुलित प्रदर्शन किया है। शाकिब अल हसन की कप्तानी में टीम ने रणनीति के तहत मैच जीते हैं और सुपर-चार में उनके खेल से काफी उम्मीदें हैं।
श्रीलंका की जीत के मायने
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मोरल बूस्ट:
इस जीत से श्रीलंकाई टीम का मनोबल काफी बढ़ा है। टीम अब आत्मविश्वास से भरपूर है और सुपर-चार में बेहतर प्रदर्शन की ओर देख रही है। -
युवाओं का जलवा:
श्रीलंका की इस जीत में युवा खिलाड़ियों का अहम योगदान रहा, जो आने वाले समय में टीम की रीढ़ साबित हो सकते हैं। -
मेजबान होने का दबाव झेला:
घरेलू मैदान पर खेलते हुए श्रीलंका पर जीत का भारी दबाव था। लेकिन टीम ने संयम और अनुभव का प्रदर्शन करते हुए मुकाबले को अपने नाम किया।
अगले मुकाबले की तैयारी
अब सुपर-चार में मुकाबले और भी ज़्यादा टक्कर के होंगे। भारत, पाकिस्तान, श्रीलंका और बांग्लादेश – चारों ही टीमें एक-दूसरे के खिलाफ जीतने को तैयार हैं। अब हर मैच फाइनल के जैसा होगा, क्योंकि एक हार भी टीम को फाइनल की रेस से बाहर कर सकती है।
क्रिकेट प्रेमियों के लिए रोमांच चरम पर
इस जीत के साथ ही एशिया कप 2025 का रोमांच अपने चरम पर है। हर मुकाबला एक नई कहानी लेकर आ रहा है। श्रीलंका की जीत ने यह दिखा दिया है कि एशियाई क्रिकेट में कोई टीम छोटी नहीं है और आखिरी गेंद तक कुछ भी हो सकता है।