- भारत ने 19 सितंबर 2025 को अबू धाबी के शेख़ ज़ायद स्टेडियम में खेले गए एशिया कप 2025 के ग्रुप-ए के अपने अंतिम लीग मैच में उमन को 21 रन से मात देते हुए ग्रुप चरण बिना किसी हार के समाप्त किया।
यह मुकाबला भारत के लिए कई मायनों में महत्वपूर्ण था — टीम ने अपनी बल्लेबाज़ी गहराई को परखा, कुछ नया प्रयोग किया, और साथ ही आर्सदीप सिंह ने एक बहुत बड़ा व्यक्तिगत मुक़ाम हासिल किया। आइए जानते हैं मैच की पूरी झलक:
मैच का सार
- भारत ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाज़ी करने का निर्णय लिया और निर्धारित 20 ओवरों में 188/8 रन बनाए।
- उमन की पारी में उन्होंने 167/4 रन बनाए, लक्ष्य से 21 रन पीछे रह गए।
- प्लेयर ऑफ द मैच बने संजू सैमसन, जिन्होंने नंबर 3 पर आकर 45 गेंदों में 56 रन की महत्वपूर्ण पारी खेली।
कुछ खास पल

- बहादुर शुरुआत:
भारत की शुरुआत कुछ धीमी रही जब शुबमन गिल जल्दी आउट हो गए। लेकिन इसके बाद अभिषेक शर्मा ने आग लगाते हुए सिर्फ 15 गेंदों में 38 रन बना डाले — 5 चौके और 2 छक्के। - सैनु की शांति और क्षमता:
सैमसन ने थोड़ा संघर्ष के बाद पारी संभाली और एक ऐसी पारी खेली जो टीम के लिए बेहद उपयोगी थी। उन्होंने उमन की गेंदबाजी और मैदान की परिस्थितियों को अच्छी तरह समझते हुए विकेट भी बचाए। - नए प्रयोग और रणनीति:
कप्तान सूर्यकुमार यादव ने खुद को अंत में बल्लेबाज़ी के लिए रखा — उन्होंने 8 विकेट गिरने के बाद भी बल्लेबाज़ी नहीं की। ऐसा लगता है कि टीम मैनेजमेंट ने कुछ खिलाड़ियों को मौका देने के साथ बल्लेबाज़ी क्रम में बदलाव कर कुछ नए संयोजन आज़माए। - उमन की लड़ाकू कोशिशें:
उमन ने हार भले झेली हो, लेकिन उनकी बल्लेबाज़ी ने सम्मानजनक लड़ाई दी। खासतौर पर ओपनिंग जोड़ी — जतिंदर सिंह और आमिर कलीम ने शुरुआत में 56 रन जोड़ी, और बाद में आमिर कलीम और हम्द मिर्जा ने टीम को एक उम्मीद दी। आमिर कलीम ने 64 और मिर्जा ने 51 रन बनाए।
रिकॉर्ड और उपलब्धियाँ
- अर्शदीप सिंह ने इस मैच में इतिहास रचा — वे पहले भारतीय पेसर बने जिन्होंने 100 टी20 अंतरराष्ट्रीय विकेट्स पूरे किए, और यह उन्होंने सबसे कम मैचों (64 मैचों) में किया।
- उमन ने एक और रिकॉर्ड बनाया: चाहिए पावरप्ले हो या शुरुआती ओवर, उन्होंने भारत के खिलाफ बिना विकेट गँवाते हुए अपने ओपनिंग जोड़ी के ज़रिये 50+ रन की साझेदारी की — यह पहली बार है जब उमन ने किसी बाजार-भर टीम (Full Member) भारत के खिलाफ पावरप्ले में विकेट नहीं खोया।
विश्लेषण: भारत के लिए क्या अच्छी रही, क्या सुधार की गुंजाइश
👍 मजबूत पहलू:
- बल्लेबाज़ी क्रम में बैक-अप खिलाड़ियों का प्रदर्शन शानदार रहा — अभिषेक शर्मा, सैमसन, अक्षर पटेल और टिलक वर्मा ने महत्वपूर्ण योगदान दिया।
- गेंदबाज़ी में मुंबईकरों ने भी अच्छा किया। हार्दिक पंड्या ने एक विकेट लिया, जबकि बाकी गेंदबाज़ों ने दबाव बनाए रखा, खासकर डेथ ओवर्स में।
- टीम मैनेजमेंट ने प्रयोग किए — कुछ खिलाड़ियों को आराम, कुछ नए संयोजन, यह सब आगे मुकाबलों को ध्यान में रखते हुए किया गया।
👎 सुधार की गुंजाइशें:
- शुरुआत में विकेट जल्दी गिरने की प्रवृत्ति अभी भी है — शुबमन गिल का जल्दी आउट होना भारत को शुरुआती बढ़त नहीं दी।
- 200 के पार नहीं पहुँच पाना — आज का स्कोर लगभग ठीक था लेकिन कभी-कभी बड़े टूर्नामेंटों में विपक्षी टीमों को मात देने के लिए 200+ की पारी ज़्यादा सुरक्षित होती है।
- उमन की साझेदारियाँ दबाव में आने पर बढ़ी हुई रन-रेट बनाए रखने में भारत को थोड़ा संघर्ष करना पड़ा — उमन की बल्लेबाज़ी ने दिखाया कि उनसे डरना नहीं चाहिए, बॉल्डलाइन और रणनीति मजबूत होनी चाहिए।
आगे की राह और नज़रें सुपर 4 पर
इस जीत के साथ भारत ने ग्रुप-ए में तीन में तीन जीत दर्ज की और अजेय टीम के रूप में सुपर 4 में प्रवेश किया।
अब उनके मौजूदा झगड़े टकराव अगले महत्त्वपूर्ण मुकाबला पाकिस्तान के खिलाफ है। उस मैच में टीम के समुचित संतुलन, रणनीति, और फॉर्म महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी — खासकर मध्य-क्रम और गेंदबाज़ी की गहराई को देखते हुए।