राजगीर (बिहार):
मेन हॉकी एशिया कप 2025 में भारत ने एक बार फिर अपनी प्रतिष्ठा कायम रखते हुए शानदार प्रदर्शन किया। शुरआत में थोड़ी मुश्किलों के बावजूद, मेजबान टीम ने शानदार वापसी की और फाइनल में विजयी होकर एक नया अध्याय जोड़ दिया है।
- टूर्नामेंट का प्रारंभ: परंपरा और महत्व
- इस टूर्नामेंट का 12वाँ संस्करण था, जो भारत में विशेष रूप से बिहार के राजगीर शहर में आयोजित किया गया — पहली बार हमारा राज्य ऐसा बड़े आयोजन की मेजबानी कर रहा था ।
- यह टूर्नामेंट 29 अगस्त से 7 सितंबर 2025 तक आयोजित हुआ |
- इसे जीतने वाली टीम सीधे 2026 FIH Men’s Hockey World Cup के लिए क्वालीफाई करेगी, जो बेल्जियम और नीदरलैंड्स में आयोजित होग।

- ग्रुप स्टेज में संघर्ष और सफलता
- भारत ने अपना अभियान चीन पर रोमांचक 4‑3 की जीत से शुरू किया ।
- तत्पश्चात जापान के खिलाफ पूल A में दूसरा मैच 3‑2 से जीता। कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने दो गोल किए, जबकि मेंदीप सिंह ने एक गोल दागा। जापान के कोसेई कावाबे ने भी दो गोल किए, लेकिन भारत ने मैच अपने नाम कर लिया ।
- तीसरे ग्रुप मैच में भारत ने पूरी ताकत झोंकते हुए कजाकिस्तान को 15‑0 से रौंदा — इसमें अभिषेक ने 4 गोल, सुखजीत सिंह और जुगराज सिंह ने हैट्रिक, और अन्य खिलाड़ियों ने भी हिस्सा लिया। इस जीत के साथ भारत ने पूरी तरह से सुपर 4 में प्रवेश सुनिश्चित कर लिया ।
- इस प्रदर्शन के साथ भारत ने पूल A में 9 अंकों के साथ शीर्ष स्थान हासिल किया |
- सुपर 4 में शानदार जीत और फाइनल की राह
- सुपर 4 में चीन के खिलाफ भारत ने बेहतरीन खेल दिखाया और 7‑0 से जीत दर्ज की। अभिषेक ने एक और बहुमूल्य प्रदर्शन किया, साथ ही शिलानंद लाकरा को ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ का पुरस्कार मिला |
- फाइनल में दक्षिण कोरिया का सामना होना तय हुआ, जो पांच बार एशिया कप जीत चुका है — एक कड़ी चुनौती थी |
- फाइनल में भारत की धमाकेदार जीत
- 7 सितंबर 2025 को राजगीर में खेले गए फाइनल में भारत ने दक्षिण कोरिया को 4‑1 से पराजित कर चौथी बार एशिया कप का खिताब जीता
- इस जीत ने भारत को न केवल खिताब दिलाया बल्कि उसे हॉकी विश्व कप 2026 के लिए सीधे क्वालीफाई भी मिल गया |
- प्रदर्शन की समीक्षा और खिलाड़ी सशक्तता
- कप्तान हरमनप्रीत सिंह, अभिषेक और अन्य प्रमुख खिलाड़ियों ने टूर्नामेंट में महत्वपूर्ण गोल दिए और टीम को निरंतर आगे रखा।
- गोलकीपर और डिफेंस ने मजबूती दिखाई। जैसे—फाइनल मुकाबले में भारतीय डिफेंस ने शांत रवैया तथा समर्पण दिखाया, जिससे अंत में करारी जीत मिली।
- राज्य सरकार और BCCI/Hockey India की तैयारियों, सुविधाओं, और आयोजन की व्यवस्थाओं ने टीम को आत्मविश्वास से भरी जमीन प्रदान की
- भावी लक्ष्य: हॉकी विश्व कप 2026
- विश्व कप में अब भारत की तैयारियाँ तेज होंगी। खिलाड़ी, कोच और तकनीकी स्टाफ सभी अपनी रणनीति को और धार देंगे।
- अगले कुछ महीनों में द्विपक्षीय सीरीज, प्रैक्टिस मैच और फिटनेस कैंप आयोजित किए जा सकते हैं, ताकि टीम विश्व स्तर पर चुनौती पेश करने योग्य बन सके।
- राजगीर में मिली सफलता से भारतीय हॉकी को एक नया जोश और आत्मविश्वास मिला है — अब मिशन वर्ल्ड कप और उससे आगे का सफर शुरू हो चुका है।
- निष्कर्ष: बिहार से विश्व मंच तक
राजगीर में मेरी गई यह जीत सिर्फ एक ट्रॉफी नहीं, बल्कि भारतीय हॉकी के पुनरुत्थान का प्रतीक है। जहां बिहार और भारत ने व्यवस्था, आयोजन और स्पोर्ट्स इंफ्रास्ट्रक्चर के जरिए यह संदेश दिया कि वे बड़े स्पोर्टिंग इवेंट्स की मेजबानी कर सकते हैं — वहीं खिलाड़ी, कोच और हॉकी प्रेमियों ने दिखाया कि भारतीय हॉकी अब फिर से विश्व पटल पर वापसी कर रही है।
क्या भारत आगामी Hockey World Cup 2026 में फिर से इतिहास रच पाएगा?
इस सवाल का जवाब अब क्रिकेट के बाद एफआईए विश्व कप में भी देशवासियों की उम्मीदों का आधार होगा — और राजगीर की यह जीत एक बहुत बड़ा कदम साबित हुई।